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Tag Archives: Sanskrit
कर्म फल
ओ३म् किमपि कर्म फलविहीनं न भवति। = कोई भी कर्म फल बिना का नहीं होता है। यद् किमपि वयं कुर्मः तस्य फलं तु मिलति एव। = जो भी हम करते हैं उसका फल तो मिलता ही है। कर्म विना कोsपि … Continue reading